वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी सामुदायिक स्वास्थ्य पहल ‘आरोग्य’ के माध्यम से वर्ष 2025 में लगभग 1.2 लाख लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाया। विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम “मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार” को आत्मसात करते हुए बालको ने निवारक, प्राथमिक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
प्राथमिक से विशेष उपचार तक व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं
‘आरोग्य’ परियोजना के अंतर्गत वर्ष भर में 77,700 से अधिक लोगों को प्राथमिक, निवारक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही तीन ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से 3,400 से अधिक नागरिकों को नियमित चिकित्सकीय परामर्श और प्राथमिक उपचार मिला।
बालको द्वारा संचालित दो मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) ने दूरस्थ गांवों तक पहुंच बनाते हुए 35,700 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। इनमें 16,800 से अधिक नागरिकों को पाक्षिक विज़िट, बुजुर्गों व असमर्थ मरीजों के लिए होम विज़िट, फिजियोथेरेपी तथा स्त्री रोग विशेष शिविरों से लाभ मिला।
मेगा हेल्थ कैंप और नई सुविधाओं की शुरुआत
मल्टी-स्पेशलिटी मेगा हेल्थ कैंप के माध्यम से 1,200 से अधिक लोगों को सामान्य चिकित्सा, दंत चिकित्सा, त्वचा रोग, हड्डी रोग, स्त्री रोग एवं आवश्यक जांच सेवाएं प्रदान की गईं। इस अवसर पर मोबाइल फिजियोथेरेपी यूनिट और लैब टेस्टिंग सुविधा का भी शुभारंभ किया गया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता और बढ़ी।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
बालको ने कुपोषण और एनीमिया उन्मूलन को प्राथमिकता देते हुए व्यापक अभियान चलाया।
51 आंगनवाड़ी केंद्रों में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 3,000 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें से 835 बच्चों को कुपोषण की विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित कर पॉजिटिव डिविएंस हेल्थ सत्र, टीएचआर प्रशिक्षण और होम विज़िट के माध्यम से विशेष देखभाल प्रदान की गई। गंभीर रूप से कुपोषित 18 बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में रेफर किया गया।
एनीमिया उन्मूलन हेतु आयोजित 40 विशेष शिविरों के माध्यम से 1,000 से अधिक गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं और किशोरियां पोषण व आयरन सेवन के प्रति जागरूक हुईं। वहीं ‘बेबी स्टेप्स टुगेदर’ पहल के तहत 80 से अधिक दंपतियों को मातृत्व देखभाल में पिता की भूमिका के प्रति प्रशिक्षित किया गया।
जागरूकता अभियानों से बदला सामाजिक व्यवहार
बालको ने सामाजिक व्यवहार परिवर्तन पर केंद्रित स्वास्थ्य अभियानों के जरिए नशा मुक्ति, टीबी जागरूकता और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर भी प्रभावी कार्य किया।
नशा मुक्ति अभियान के तहत विद्यालयों, युवा चौपालों, नुक्कड़ नाटकों और जागरूकता शिविरों के माध्यम से 4,900 से अधिक युवाओं व समुदाय सदस्यों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
टीबी जागरूकता के 45 सत्रों के माध्यम से 500 से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई गई और 130 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया। वर्ष भर में कुल 35,000 से अधिक लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर जागरूक किया गया।
स्वस्थ और सशक्त समुदाय की दिशा में सतत प्रयास
बालको अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के तहत छत्तीसगढ़ के कोरबा, कवर्धा, सरगुजा और रायपुर जिलों के 123 गांवों में प्रतिवर्ष 2.1 लाख से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचा रहा है। कंपनी की स्वास्थ्य पहलें राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप हैं।
जिला स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन और सामुदायिक संस्थाओं के सहयोग से बालको निरंतर स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण की दिशा में अग्रसर है।
